संगीत मनुष्य जीवन का अभिन्न अंग है


 

संगीत मनुष्य जीवन का अभिन्न अंग है।
हर श्वास लय में, हृदय को गति ताल में और आपकी ऊर्जा के स्वर पर चल रही है; कठिनाई बस इस लय, सुर और ताल से अलग हो जाने में है।

Comments

Popular posts from this blog

sonic alchemy

Vern Vidya..... the sacred knowledge of sounds.....

solar-lunar harmonics..... 1